मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच एजेंसियों को धर्मांतरण मामले की पूरी तह में जाने का निर्देश दिया है. साथ ही जो भी लोग इस मामले में संलिप्त हैं उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और एनएसए लगाने की तैयारी हो रही है. यहां तक कि दोषी लोगों की प्रॉपर्टी भी जब्त की जा सकती है.

यूपी एटीएस (UP ATS) ने दिल्ली के जामिया नगर के रहने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो इस साजिश में शामिल थे. यूपी एटीएस को धर्मांतरण की साजिश के पीछे पाकिस्तान (Pakistan) की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की फंडिंग के सबूत भी मिले हैं. यूपी एटीएस ने 1000 लोगों के अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है.

यूपी ने एडीजी प्रशांत कुमार ने सोमवार को इस मामले में खुलासा करते हुए कहा कि 2 जून को डासना के एक मंदिर में दो लोगों ने अवैध रूप से घुसने की कोशिश की थी. इस मामले में उनको हिरासत में लिया गया था. आरोपियों का नाम विपुल विजयवर्गीय और काशिफ है. उनसे पूछताछ में पता चला कि इन लोगों का सुनियोजित तरीके से धर्म परिवर्तन का रैकेट चल रहा है जो काफी प्रलोभन देने का काम करता है.

ऐसे खुली साजिश की पोल
जांच में सामने आया कि इन लोगों ने करीब हजार लोगों को लालच देकर और धमका कर उनका धर्म परिवर्तन कराया है. इसके पीछे एक शख्स गौतम का नाम सामने आया जो कि बाटला हाउस, जामिया नगर का रहने वाला है. इसने खुद भी अपना धर्म परिवर्तन किया है. मामले की तह खुलने के बाद इसके साथी जहांगीर आलम की गिरफ्तारी की गई.

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Naina Shrivastava

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