New Delhi: अनुसूचित क्षेत्रों के स्कूलों में आदिवासी शिक्षकों को शतप्रतिशत आरक्षण देने के आंध्र और तेलंगाना सरकार के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया है. संवधान पीठ ने अब तक हुई नियुक्तिों को रद्द नहीं किया, लेकिन साफतौर पर कहा कि भविष्य में 100 फीसदी आरण के आधार पर शिक्षकों की भर्ती नहीं किए जाएंगे.

जस्टिस अरुण मिश्रा, इंदिरा बनर्जी विनीत सरन, मुकेश कुमारशाह और अनिरुद्ध बोस की संविधान पीठ ने आरक्षण की 50 फीसदी की लक्ष्मण रेखा लांघने पर आंध्र और तेलंगाना सरकार पर जुर्माना भी ठोका है. अदालत ने कहा कि इंदिरा साहनी मामले में 50 फीसदी आरक्षण की सीमा तय की गई है. इसे पार नहीं किया जा सकता है. अदालत ने कहा कि संविधान पीठ के निर्णय के दिन से यहफैसला लागू होगा. पूर्व में की गी नियुक्तियां प्रभावित नहीं होगी.

वहीं आरक्षण को लेकर ट्विटर पर #आरक्षणहमाराहक_है जमकर ट्रेंड कर रहा है. यूजर्स लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. लोगों का कहना है कि आरक्षण उनका है. कोई भी इसे रोक नहीं सकता है. ट्विटर पर लोग बढ़-चढ़ कर हैशटैग आरक्षणहमारा हक है लिखकर अपनी राय देश के सामने रख रहे हैं.

About Author

Naina Shrivastava

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *