श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से संबंधित एक जमीन सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगे है. सपा और आम आदमी पार्टी का आरोप है क‍ि दो करोड़ रुपये में खरीदी गई जमीन को महज कुछ मिनटों बाद ही 18.5 करोड़ रुपये में ट्रस्ट ने खरीदी है. इस मामले में अयोध्या में दो करोड़ की जमीन पर साढ़े 16 करोड़ का मुनाफा कमाने वाले शख्स का नाम सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी है.

सुल्‍तान अंसारी ने इस पूरे सौदे की जानकारी साझा की है. ट्रस्ट को जमीन बेचने वाले सुल्तान अंसारी ने सभी आरोपों का खंड‍न क‍िया है और कहा है क‍ि यह डील 2 या 10 मिनट में नहीं हुई थी और इसमें सभी नियमों का पालन किया गया है. उन्‍होंने कहा है डील के बाद चंपत राय जी से कोई बात नहीं हुई थी.

सुल्‍तान अंसारी ने कहा क‍ि वर्ष 2011 में पहली बार एग्रीमेंट हुआ था और उस एग्रीमेंट में हमारे पिताजी और हरीश कुमार पाठक थे, लेकिन जब 2021 में बैनामा हुआ तो हमने तिवारी जी को भी उसमें शामिल कर लिया. दूसरा एग्रीमेंट 2014 में हुआ है. 4 मार्च 2014 ट्रस्ट के माध्यम से हमसे चंपत राय जी और दो-चार मेंबर ने जमीन लेने के लिए संपर्क क‍िया और फिर हमारी उनके साथ डील हुई.

हमारा उनका रेट जो है साढ़े 18 करोड़ रुपए में तय हुआ और वहीं हमने एग्रीमेंट किया. अभी तक ₹17,00,00,000 दिया है. उन्होंने कहा था क‍ि जब बैमाना कराएंगे तो बचा हुआ डेढ़ करोड़ भी दे देंगे. जमीन के रेट में तो इतना फैसला हुआ है यह 2 मिनट या 10 मिनट में नहीं हुआ है और जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह झूठे हैं.

श्रीराम जन्म तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बयान जारी कर कहा कि आरोप की भाषा में वक्तव्य देने वाले व्यक्तियों ने आरोप लगाने से पहले तीर्थ क्षेत्र के किसी भी पदाधिकारी से तथ्यों की जानकारी नहीं ली गई. इससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है. समस्त श्री राम भक्तों से निवेदन है कि वे ऐसे किसी दुष्प्रचार में विश्वास न करें, ताकि श्री राम जन्म-भूमि मन्दिर का पूर्ण पारदर्शिता के साथ चल रहा निर्माण कार्य शीघ्र निर्विघ्न सम्पन्न हो.

साभार- न्यूज 18

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Naina Shrivastava

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