New Delhi: भारत के दक्षिण में एक मंदिर है, नाम है तिरूपति बालाजी..कहा जाता है कि भारत ही नहीं ये मंदिर दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है. इस मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर को पूजा जाता है. ऐसा माना जाता है कि भगवान अपनी पत्नी के साथ विराजते हैं.

जितना ये मंदिर अमीर है उसका ही रहस्यमयी भी. इस मंदिर के इतने रहस्य हैं, जिन्हें देखकर जिन्हें सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. भगवान वैंकटेश्वर के मंदिर को अगर हम दुनिया का सबसे रहस्यमयी मंदिर कहें तो बिल्कुल भी गलत नहीं होगा. अगर आप इस मंदिर के रहस्यों को जानना चाहते हैं तो इस मंदिर के बारे में पूरी खबर पढ़े.

मूर्ति का स्थान

आप जब भी तिरुपति बालाजी मंदिर जाएंगे तो आप पूरी तरह से हैरान रह जाएंगे. जब आप गर्भ गृह में जाएंगे तो आपको लगेगा कि भगवान की मूर्ति गर्भ गृह के मध्य में है, जो कि है भी. लेकिन जब आप बाहर आएंगे वो देखकर आपकी आंखें अचंभित रह जाएगी. आप पाएंगे कि अचानक से मूर्ति का स्थान बदल गया है. या ऐसा लगेगा कि मूर्ति दायीं ओर स्थित है. इसे एक भ्रम कहा जा सकता है लेकिन एक ही भ्रम सभी पर्यटकों के साथ तो नहीं हो सकता. इसके लिए लोगों का मानना है कि हिंदू मान्यता के अनुसार दायां हिस्सा शुभ का पर्याय होता है. दायें को अच्छा माना जाता है.

गांव का रहस्य

बालाजी का मंदिर तिरुमाला की पहाड़ियों पर स्थित है. वहां से लगभग 23 किलोमीटर की दूरी पर एक गांव है. ऐसा माना जाता है कि भगवान वैंकेटेश्वर को चढ़ाए जाने वाले फल और फूल, दूध दही घी सब इसी गांव से लिए जाते हैं. गांव को पवित्र रखने के लिए बाहरी लोगों को प्रवेश वर्जित है. इस गांव के लोग बहुत ज्यादा नियम, संयम और अनुशासन में रहते हैं. यहां तक कि इस गांव की औरते सिले हुए कपड़े तक नहीं पहनती.

कपड़ों का रहस्य

तिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान की मूर्ति को हर दिन सजाया जाता है. ये तो सामान्य है, लेकिन जिस तरह से सजाया जाता है वो तो सामान्य नहीं है. दरअसल, भगवान को नीचे धोती और ऊपर साड़ी में सजाया जाता है. ऐसा कहा जाता है कि भगवान बालाजी में ही माता लक्ष्मी विराजमान हैं. इसी वजह से भगवान की मूर्ति को इस तरह से सजाया जाता है.

मूर्ति के बाल

ये मंदिर जितना हैरान करने वाला है, उतनी ही हैरान करती हैं भगवान वैंकेटेश्वर की मूर्ति. भगवान की मूर्ति पर जो बाल लगे हैं ऐसा माना जाता है कि वो बाल असली हैं. ना ये बाल कभी उलझते हैं और ना ही उनके ये बाल कभी रूखे पड़ते हैं. जबकि इन बालों का कोई खास ख्याल भी नहीं रखा जाता. श्रद्धालु ये कहते हैं कि यहां भगवान खुद विराजते हैं इसलिए ये बाल कभी बिगड़ते भी नहीं है.

समुद्र की आवाज

भगवान की मूर्ति मंदिर में सबसे रहस्यमयी है. ऐसा माना जाता है कि इस मूर्ति पर कान लगाओ तो पीछे से समुंद्र की आवाज सुनाई देती है. ये आवाज समुंद्र की लहरों की होती है. अगर आंख बंद कर लिया जाए तो ऐसा मालूम होगा कि आप समुंद्र की किनारों पर ही खड़े हैं.

मूर्ति को पसीना

भगवान की मूर्ति हमेशा नम भी रहती है. बाला जी मंदिर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह शांत और ठंडा रहे. लेकिन मूर्ति की नमी और मूर्ति से पसीना निकलना एक बहुत बड़ा रहस्य है..

दरवाजे के पास रखी छड़ी

आप बालाजी मंदिर जाएंगे तो देखेंगे कि दरवाजे के पास में एक छड़ी रखी गई है. ऐसा कहा जाता है कि इसी छड़ी से बचपन में भगवान को बाल्यावस्था में मारा गया था. इस छड़ी की वजह से उनके ठुड्डी में चोट लग गई थी. आज भी उनके ठुड्डी पर हल्दी का लेप लगाया जाता है, ताकि उनका घाव भर जाए.

माता लक्ष्मी की छवि

हर शनिवार को जब भगवान का श्रृंगार उतारकर उन्हें नहलाया जाता है, और चंदन का लेप लगाया जाता है तब एक बहुत रहस्यमयी घटना होती है. चंदन का लेप जब उतारा जाता है तब उसमें माता लक्ष्मी की छवि दिखती है. कहते हैं कि भगवान के हृदय में मां लक्ष्मी विराजमान हैं. इसी कारण उनकी छवि चंदन के लेप पर उतर जाती है.

दीपक का रहस्य-

मंदिर के प्रांगण में एक दीपक रखा है, जो हर पल जलता है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि इस दीपक में कभी भी किसी तरह का कोई ईंधन डाला नहीं गया. और इसे पहली बार किसने जलाया ये भी एक रहस्य ही है. लेकिन आज भी ये दीपक बिना किसी ईंधन के जलता ही रहता है.

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Naina Shrivastava

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