New Delhi:2018 में कठुआ बला’त्का’र मामले का प्रतिनिधित्व करने के लिए जानी जाने वाली दीपिका सिंह राजावत सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक कार्टून को लेकर विवा’दों में फं’स गई हैं.. इसमें दिखाया गया है कि कैसे पुरुष नवरात्रि के 9 दिनों देवी की पूजा करते हैं, बाकी साल उन पर हिं’सा करते हैं..

राजावत ने कार्टून को ट्विटर पर पोस्ट किया जिसमें कैप्शन लिखा था “वि’डम्बना ” 19 अक्टूबर को साझा किया गया कार्टून, महिलाओं के प्रति समाज के पाखं’ड पर तीखी ‘टिप्पणी थी.. वहीं उनका विरोध भी हुआ, तो कुछ लोग उनके सपोर्ट में भी उतरे. धार्मिक लोगों ने उनके इस ट्वीट पर नाराज़गी जताई है. लोगों ने उनकी गिरफ्तारी की भी मांग की है.

लोगों का कहना है कि दीपिका राजावत का ट्वीट सच्चाई को दर्शाता है. फिर लोगों में इतना गुस्सा क्यों है? क्या उनके धर्मों में लोगों की आस्था इतनी कमजोर-इच्छाशक्ति वाली है कि उन्हें केवल चित्र बनाने से खत’रा है?

राजावत ने ट्विटर पर घोषणा की कि उनके ट्वीट पर नारा’जगी के परिणामस्वरूप, उनके घर के बाहर भीड़ जुट गई है, जो उनके खिला’फ नारे लगा रहे हैं…20 अक्टूबर के एक फेसबुक वीडियो में, उसने यह भी उल्लेख किया, “मेरा इरादा धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं था.. मैंने देवी दुर्गा पर टिप्पणी नहीं की. . मुझे मेरे और मेरे परिवार के सदस्यों को धम’की भरे कॉल और मैसेज मिले हैं..लेकिन विवा’द के बावजूद, मुझे अपने ट्वीट को जाने देने की हिम्मत थी.. मैंने इसे नहीं हटाया..

इससे पहले स्वरा भास्कर ने भी दीपिका राजावत का सपोर्ट किया था. स्वरा के इस ट्वीट पर यूजर्स लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. स्वरा ने ट्वीट कर लिखा कि- इस कार्टून को ट्वीट करने से deepika Rajawat के घर के बाहर भी’ड़ जमा हो गई.. क्यों? क्या अब हम अपने समाज के पा’खंड पर टिप्पणी नहीं कर सकते हैं.. जहां हम देवी की पूजा करते हैं लेकिन बला’त्क’र एक म’हामा’री की तरह है? आइए एक पल लें और खुद से पूछें कि हम क्या बन गए हैं?

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Naina Shrivastava

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