New Delhi: NRC को लेकर एक बार फिर से चर्चा तेज हो गई है. ट्विटर पर यूजर्स NRC बिल लाने की मांग कर रहे हैं. सोशल मीडिया एक बार फिर पीएम मोदी के सपोर्ट में खड़ा हो गया है. ट्विटर पर #मोदीजी_NRCलाओ ट्रेंड कर रहा है.. लोगों का कहना है कि देश को इस बिल की जरूरत है, जितना जल्दी हो सके पीएम मोदी इस बिल को लेकर आएं.

एक यूजर ने कहा कि- भारतीय मु’सलमानों की संख्या 2050 तक 300 मिलियन से अधिक हो जाने का अनुमान है, जो भारत को दुनिया में सबसे बड़ी मुस्लिम आबा’दी वाला देश बनाता हुआ दिखाई दे रहा है, जो कि अमेरिका के एक थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार है.. देश को NRC की जरूरत है.

एक और यूजर ने लिखा कि- एक संप्रभु राज्य के रूप में, भारत को अवैध आ’व्रजन के ख’तरे से खुद को बचाने का हर अधिकार है”सरकार को एक राष्ट्रव्यापी एनआरसी के लिए जोर देना चाहिए..इससे पहले की देर हो जाए इस बिल को जल्द से जल्द सरकार को ले आना चाहिए.

बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में साफ कहा था कि मोदी सरकार देश में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) लेकर जरूर आएगी..

एनआरसी यानी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर बताता है कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं. जिन लोगों के नाम एनआरसी में शामिल नहीं हैं, वह अवैध नागरिक कहलाए जाएंगे.

क्या है एनआरसी?

एनआरसी का मतलब राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर है. NRC के जरिए भारत में अवै’ध घुस’पैठि’यों की पहचान की जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूर्वोत्तर का गेटवे कहे जाने वाले असम में एनआरसी की प्रक्रिया हुई और भारत में अवै’ध रूप से घुसने वाले लोगों की पहचान की गई. ये प्रक्रिया सिर्फ असम में पूरी हुई है. पीएम मोदी का कहना है कि वो इसे पूरे देश में लागू करेंगे.

इस समय एनआरसी की प्रक्रिया राज्य के हिसाब से चल रही है. इसकी शुरुआत से ही देश भर में एनआरसी लागू करने की मांग की जा रही है. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि एनआरसी की मदद से भारत में अवै’ध रूप से घु’से लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें बाहर निकाला जायेगा.

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Naina Shrivastava

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