New Delhi: हर माह में दो चतुर्थी व्रत पड़ते हैं लेकिन माघ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी का खास महत्व माना गया है.. इस तिथि को सकट चौथ 2021, माघी चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, तिल चौथ नाम से जाना जाता है.. इस बार संकष्टी चौथ व्रत 31 जनवरी दिन रविवार* को रखा जायेगा..

सकट चौथ पर करना चाहिए संकटनाशन स्तोत्र का पाठ
भगवान गणपति मंगलकर्ता हैं. विघ्न विनाशक हैं.. कल्याणकर्ता हैं…यही वजह है माताएं अपनी संतान की रक्षा के लिए सकट चौथ का व्रत रखती हैं.. संकष्टि चतुर्थी का मतलब होता है संकटों का नाश करने वाली चतुर्थी..

इस मंत्र से करें पूजा
गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्॥

ऐसे हुई संकटनाशन स्तोत्र की रचना
शिव कल्याणकारी हैं. मान्यता है कि शिव शंकर जिसकी शरण में जाते हैं उन सभी का भला होता है.. एक बार की बात है, देवर्षि नारद जी भी संकट में फंस गए.. वह इधर-उधर घूमे लेकिन संकट का समाधान नहीं हुआ..

तब शंकर जी के कहने पर उन्होंने संकटनाशन स्तोत्र की रचना की..इस स्तोत्र का स्तवन करने वाला कभी संकट में नहीं रहता.. उसका समाधान हो जाता है.. चतुर्थी के दिन इस स्तोत्र का यथासंभव पांच बार पाठ करें.. इसके पाठ से ऋद्धि-सिद्धि का भी आशीर्वाद मिलता है..किसी भी प्रकार का संकट हो, गौरीपुत्र हर विघ्न को दूर करते हैं..

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Naina Shrivastava

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