New Delhi: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना पूरे हिंदुस्तान ने देखा था. राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का सना राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने भी देखा था. उनका ये सपना अब पूरा हो चुका है. लेकिन दिलचस्प बात तो ये है कि राजमाता का मंदिर निर्माण का सपना उन जन्मशताब्दी के साल में ही हुआ. इसे आप अद्भुत संयोग ही कह सकते हैं.

राजमाता विजयराजे सिंधिया रामजन्मभूमि आंदोलन का प्रमुख चेहरा रही थीं. वो राम मंदिर के निर्माण में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय रहीं. बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 1990 में जब सोमनाथ से अयोध्या के लिए रथयात्रा निकाली तो राजमाता ने उन्हें पूरा सहयोग दिया था.

राजमाता सिंधिया के जन्मशताब्दी के साल में पीएम मोदी ने उनकी स्मृति में 100 रुपए के सिक्का का विमोचन किया. विमोचन के बाद सिंधिया परिवार ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया. पीएम मोदी ने कहा कि- राजमाता जी के आशीर्वाद से देश आज विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है.

गांव, गरीब, दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित, महिलाएं आज देश की पहली प्राथमिकता में हैं..नारी शक्ति के बारे में वो विशेष तौर पर कहती थीं कि जो हाथ पालने को झुला सकते हैं, तो वो विश्व पर राज भी कर सकते हैं.

भारत को दिशा देने वाले व्यक्तित्वों में राजमाता विजयाराजे सिंधिया भी शामिल थीं..राजमाता केवल वात्सल्यमूर्ति ही नहीं, वो एक निर्णायक नेता और कुशल प्रशासक भी थीं.स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजादी के इतने दशकों तक, भारतीय राजनीति के हर अहम पड़ाव की वो साक्षी रहीं.

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Naina Shrivastava

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