New Delhi: स्वामी विवेकानंद की जयंती के खास मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि- जो समाज संक’टों में भी प्रगति के रास्ते बनाना सीख लेता है,वो समाज अपना भविष्य खुद लिखता है. इसलिए आज भारत और 130 करोड़ भारतवासी अपना उत्तम भविष्य खुद गढ़ रहे हैं.

लेकिन आज राजनीति में ईमानदार लोगों को भी मौका मिल रहा है. Honesty और Performance आज की राजनीति की पहली अनिवार्य शर्त होती जा रही है. भ्र’ष्टाचार जिनकी legacy थी, उनका भ्रष्टाचार ही आज उन पर बोझ बन गया है..वो लाख कोशिशों के बाद भी इससे उभर नहीं पा रहे हैं.

पहले देश में ये धारणा बन गई थी कि अगर कोई युवक राजनीति की तरफ रुख करता था तो घर वाले कहते थे कि बच्चा बिगड़ रहा है., क्योंकि राजनीति का मतलब ही बन गया था- झ’गड़ा, फ’साद, लूट-ख’सोट, भ्र’ष्टाचार.

लोग कहते थे कि सब कुछ बदल सकता है लेकिन सियासत नहीं बदल सकती. हमारा युवा खुलकर अपनी प्रतिभा और अपने सपनों के अनुसार खुद को विकसित कर सके इसके लिए आज एक environment और इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है.

शिक्षा व्यवस्था हो, सामाजिक व्यवस्था हो या कानूनी बारीकियां, हर चीज में इन बातों को केंद्र में रखा जा रहा है.ये स्वामी जी ही थे, जिन्होंने उस दौर में कहा था कि निडर, बेबाक, साफ दिल वाले, साहसी और आकांक्षी युवा ही वो नींव है जिस पर राष्ट्र के भविष्य का निर्माण होता है।

वो युवाओं पर, युवा शक्ति पर इतना विश्वास करते थे..स्वामी जी कहते थे, पुराने धर्मों के मुताबिक नास्तिक वो है जो ईश्वर में भरोसा नहीं करता..लेकिन नया धर्म कहता है, नास्तिक वो है जो खुद में भरोसा नहीं करता.

लोग स्वामी जी के प्रभाव में आते हैं, संस्थानों का निर्माण करते हैं, फिर उन संस्थानों से ऐसे लोग निकलते हैं जो स्वामी जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए नए लोगों को जोड़ते चलते हैं..स्वामी विवेकानंद ने एक और अनमोल उपहार दिया है. ये उपहार है, व्यक्तियों के निर्माण का, संस्थाओं के निर्माण का..इसकी चर्चा बहुत कम ही हो पाती है.

साभार- ट्वीटर

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Naina Shrivastava

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