New Delhi: कठुआ के’स की वकील रह चुकी और शाहीन बाग (shaheen bagh) के समर्थन में खड़ी दीपिका राजावत (Deepika Rajawat) इन दिनों लोगों के गु’स्सा का शि’कार हो रही है. उनके एक ट्वीट ने लोगों के मन में नाराजगी भर दीं. नवरात्रि के दिनों में उन्होंने ऐसा ट्वीट कर डाला जिसके बाद उनपर हिंदू धर्म को अपमा’न करने का आरो’प लगाया गया. कल दिन भर ट्विटर पर दीपिका ट्रेंड में रही और लोगों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की.

खबर के मुताबिक, दीपिका के इस ट्वीट के बाद कुछ लोग उनके घर के बाहर खड़े होकर दीपिका के खिला’फ ना’रे लगाने लगे. इस बात की जानकारी खुद दीपिका ने ट्वीट करके दी थी. लोगों को घर के बाहर देख दीपिका ने रो-रोकर पुलिस को बुला लिया. ये वही दीपिका है जो शाहीन बाग के समर्थन में खड़ी थीं. CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का दीपिका ने जमकर सपोर्ट किया था.

दीपिका ने एक और ट्वीट कर बताया कि उनकी जान को खतरा है, कुछ लोग उनका नुकसान पहुंचा सकते हैं. शाहीन बाग को सही बताने वाली दीपिका राजावत खुद के घर के सामने भीड़ आयी तो पुलिस बुलाकर रास्ता खाली करवाने के लिए रोने लगी.

दीपिका की ट्वीट की गई तस्वीर पर संबित पात्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि- बहन ये “वि’डम्बना” नहीं बल्कि हिंदू भावनाओं के प्रति “विकृत मा’नसिक’ता” है… “वि’डम्बना” ये है कि अगर यही “meme” किसी और धर्म के लिए होता तो अभी आप उस व्यक्ति के ख़िला’फ़ के’स कर रहीं होती!! संबित पात्रा के इस ट्वीट पर यूजर्स भी लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

कौन हैं दीपिका रजावत

दीपिका एक वकील हैं. जो कठुआ रे’प केस की वकील रह चुकी हैं. लेकिन इन्हें इस केस से हटा दिया गया था. परिवार ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि उन्हें केस में कोई दिलचस्पी नहीं है, उन्हें सिर्फ सुर्खियां बटोरनी है. जिससे परिवार की वकील दीपिका सिंह राजावत को मामले से हटा दिया गया था. न्यायाधीश तेजविंदर सिंह ने अनुरोध को मंजूर कर लिया था

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिता ने कहा कि वह मामले में “आशंका और गैर-उपस्थिति” के कारण राजावत की अटॉर्नी की शक्ति को वापस लेना चाहते थे.. उनके वकील मुबीन फारूकी ने बताया, “मामले में 110 से अधिक सुनवाई हुई है और 100 से अधिक गवाहों की जांच की गई है…“लेकिन राजावत केवल दो बार मामले में उपस्थित हुई..वह दावा करती रही है कि उसे जा’न से मा’रने की धम’की मिल रही है क्योंकि उसे मामले में पेश होना है… यह निर्णय लिया गया कि उसे इस जिम्मेदारी से मुक्त करना सबसे अच्छा है..

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Naina Shrivastava

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