New Delhi: नवरात्रि के दिनों में एक तरफ पूरे देश में मां दुर्गा की उपासना की जा रही है. पूरा देश भक्तिमय हो उठा है. ऐसे में नवरात्रि और हिंदू धर्म से जुड़ा ये ट्वीट लोगों को ट्वीट करने पर मजबूर कर रहा है. वजह है वकील दीपिका रजावत द्वारा शेयर की गई तस्वीर. इस तस्वीर में एक तरफ स्त्री और पुरुष को दिखाया गया है, उसी तस्वीर में दूसरी तरफ उस पुरुष को देवी को पूजते हुए दिखाया गया है.

दीपिका रजावत ने एक और तस्वीर शेयर की है. इसमें उन्होंने मां काली की तस्वीर शेयर कर लिखा कि- माँ सबको बुद्धि दे…दीपिका के इस ट्वीट पर लगातार यूजर्स अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. लगभग लाखों ट्वीट ऐसे हैं जो उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. इस ट्वीट से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा है.

कौन हैं दीपिका रजावत, जिसके एक ट्वीट पर लोगों ने लगाया नवरात्रि में हिंदू धर्म का अ’पमान करने का आरो’प

लोगों ने ट्वीट कर कहा कि- नवरात्रि – दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती स्त्री-गुण के तीन आयामों के प्रतीक हैं..वे तीन मूल गुणों – तमस (जड़ता), रजस (सक्रियता) और सत्व(ज्ञान) के भी प्रतीक हैं.. आप सभी को माता रानी ख़ुशीयो से भर दे.

वहीं, एक यूजर ने लिखा कि- बहुत अ’न्याय हो रहा है आपके घर में इस तस्वीर में आपके साथ कौन है? हमें बताइये,ये आपके घर में आपके साथ कौन ज्यादती कर रहा है?आपका पति?आपका भाई? रिश्तेदार? हम इस अ’न्याय से ल’ड़ने में आपकी मदद करेंगे मां जगदम्बा आपको शक्ति दें..

कौन हैं दीपिका रजावत

दीपिका एक वकील हैं. जो कठुआ रे’प केस की वकील रह चुकी हैं. लेकिन इन्हें इस केस से हटा दिया गया था. परिवार ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि उन्हें केस में कोई दिलचस्पी नहीं है, उन्हें सिर्फ सुर्खियां बटोरनी है. जिससे परिवार की वकील दीपिका सिंह राजावत को मामले से हटा दिया गया था. न्यायाधीश तेजविंदर सिंह ने अनुरोध को मंजूर कर लिया था.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिता ने कहा कि वह मामले में “आशंका और गैर-उपस्थिति” के कारण राजावत की अटॉर्नी की शक्ति को वापस लेना चाहते थे.. उनके वकील मुबीन फारूकी ने बताया, “मामले में 110 से अधिक सुनवाई हुई है और 100 से अधिक गवाहों की जांच की गई है।…“लेकिन राजावत केवल दो बार मामले में उपस्थित हुई..वह दावा करती रही है कि उसे जा’न से मा’रने की धम’की मिल रही है क्योंकि उसे मामले में पेश होना है… यह निर्णय लिया गया कि उसे इस जिम्मेदारी से मुक्त करना सबसे अच्छा है..

दीपिका ने कहा था कि- मैं परिवार के कदम से हैरान हं. “मैंने कभी भी उनसे एक रुपया नहीं लिया था और मैं चाहती थी कि पीड़िता को न्याय मिले. “यह दु’र्भा’ग्यपूर्ण था कि पीड़ित के पिता द्वारा ऐसा अनुरोध किया गया था… “लेकिन मुझे किसी के खिला’फ कोई शिकायत नहीं है.. मैंने वह किया जो मुझे लगता था कि उस महत्वपूर्ण स्तर पर किया जाना चाहिए, और हर कोई आगे आने से डर रहा था.. मैं अभी भी परिवार के साथ खड़ी हूं.

About Author

Naina Shrivastava

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *