New Delhi: कुमाऊं यूनिवर्सिटी की उपाध्यक्ष और राजनीति-अंग्रेजी जैसे विषय में दो बार एमए कर चुकी हंसी भीख मांगकर गुजारा कर रही है. हंसी की तस्वीर वायरल होने के बाद उनकी मदद के लिए राज्य मंत्री रेखा आर्य पहुंची. उन्होंने समाज कल्याण विभाग में नौकरी देने की बात कही.. कहा कि नौकरी से पहले हंसी की काउंसिलिंग की जाएगी…

न हंसी ने कहा कि वह अल्मोड़ा या देहरादून नहीं जाना चाहती हैं. वह हरिद्वार में रहना चाहती हैं.. फिलहाल हंसी के रहने की व्यवस्था की जाएगी. हंसी की कहानी जैसे ही सामने आई मदद के लिए लोगों की लाइन लग गई. कुछ लोगों ने तत्काल आर्थिक मदद भी मुहैया कराई.. एसडीएम ने भी हंसी प्रहरी से मिलकर हालचाल जाना और तीन दिन के अंदर आवास दिलाने का आश्वासन दिया.

एक वक्त था जब कुमाऊं यूनिवर्सिटी का कैंपस हंसी प्रहरी के नाम के नारों से गूंजता था..राजनीति और अंग्रेजी जैसे विषयों में डबल एमए करने वाली हंसी आज के समय में भीख मांगने को मजबूर हो गई हैं.

हैरान करने वाली बात ये है कि आज वो हंसी सड़कों पर खानाबदोश की जिंदगी जीने को मजबूर है जिसने कभी विधानसभा चुनाव तक लड़ा था. जो डबल एमए पास है. कुमाऊं विश्वविद्यालय की वॉइस प्रेसिडेंट रह चुकी है. वो अपने 6 साल के बेटे के साथ रो’ती बिलख’ती दर-दर की ठो’करे खा रही है. जिसके नाम से कैंपस गूंजा करता था, वो आज भीख मांगकर पेट पाल रही है.

विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं
वर्ष 2000 में छात्रसंघ की उपाध्यक्ष बनी हंसी ने उत्तराखंड राज्य बनने के बाद हुए विधानसभा चुनाव में सोमेश्वर सीट से कांग्रेस के प्रदीप टम्टा और भाजपा के राजेश कुमार के खिलाफ ताल ठोकी थी..

बोलती हैं फर्राटेदार अंग्रेजी

हंसी प्रहरी लंबे समय से हरिद्वार में अलग-अलग स्थानों पर भिक्षावृत्ति करती देखी गईं हैं, लेकिन उस समय सभी का ध्यान अपनी तरफ तब खींच लेती हैं, जब बेटे को पढ़ाते समय फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने लगती हैं.आज किसी को यकीन नहीं होगा कि वही हंसी की भी’ख मांगने की नौबत आ चुकी है.

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Naina Shrivastava

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