New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने फारूकी को इंदौर में दर्ज मामले में अंतरिम जमानत दे दी थी. वह पिछले 35 दिन से न्यायिक हिरासत के तहत इस जेल में बंद थे. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के जज ने इंदौर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को फोन करके उनसे शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर ऑर्डर देखने का आग्रह किया, जिसमें उसने मुनव्वर को जमानत देने के साथ ही प्रोडक्शन वारंट पर भी रोक लगा दी थी.

बता दें कि, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के ही आरोप में उनके खिलाफ प्रयागराज में दर्ज मामले में वहां की एक निचली अदालत के जारी पेशी वॉरंट पर रोक भी लगा दी थी. चश्मदीद लोगों ने बताया कि फारूकी की रिहाई की सूचना मिलते ही शनिवार देर रात जेल परिसर में मीडिया कर्मी भी जमा हो गए थे, लेकिन धार्मिक रूप से संवेदनशील मामले में गिरफ्तार हास्य कलाकार को इनकी नजर से बचाते हुए गुपचुप तरीके से जेल परिसर से बाहर निकाला गया.


इंदौर में एक जनवरी की रात दर्ज प्राथमिकी में धार्मिक भावनाएं आहत करने के मुख्य आरोप का सामना कर रहे गुजरात के हास्य कलाकार को शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को अंतरिम जमानत दे दी थी. मुनव्वर के वकीलों ने इंदौर की जिला अदालत में शनिवार को उच्चतम न्यायालय का आदेश प्रस्तुत कर जमानत की औपचारिकताएं पूरी कीं. स्थानीय अदालत ने 50,000 रुपये की जमानत और इतनी ही राशि के मुचलके पर फारूकी को केंद्रीय कारागार से रिहा करने का आदेश दिया.

About Author

Naina Shrivastava

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *