New Delhi: एक वक्त था जब कुमाऊं यूनिवर्सिटी का कैंपस हंसी प्रहरी के नाम के नारों से गूंजता था..राजनीति और अंग्रेजी जैसे विषयों में डबल एमए करने वाली हंसी आज के समय में भीख मांगने को मजबूर हो गई हैं. हंसी की कहानी आपको रूलाकर रख देगी.

अंग्रेजी और राजनीतिक विज्ञान में डबल एमए

हैरान करने वाली बात ये है कि आज वो हंसी सड़कों पर खानाबदोश की जिंदगी जीने को मजबूर है जिसने कभी विधानसभा चुनाव तक लड़ा था. जो डबल एमए पास है. कुमाऊं विश्वविद्यालय की वॉइस प्रेसिडेंट रह चुकी है. वो अपने 6 साल के बेटे के साथ रो’ती बिलख’ती दर-दर की ठो’करे खा रही है. जिसके नाम से कैंपस गूंजा करता था, वो आज भीख मांगकर पेट पाल रही है.

बोलती हैं फर्राटेदार अंग्रेजी

हंसी प्रहरी लंबे समय से हरिद्वार में अलग-अलग स्थानों पर भिक्षावृत्ति करती देखी गईं हैं, लेकिन उस समय सभी का ध्यान अपनी तरफ तब खींच लेती हैं, जब बेटे को पढ़ाते समय फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने लगती हैं.आज किसी को यकीन नहीं होगा कि वही हंसी की भी’ख मांगने की नौबत आ चुकी है.

साथ रखे हैं अपने सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र

हंसी प्रहरी ने अपने साथ अपने सारे शैक्षिक प्रमाणपत्र रखे हुए हैं. हंसी ने बताया कि वह अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के हवालबाग विकासखंड के अंतर्गत गोविंदपुर के पास रणखिला गांव की रहने वाली हैं. हंसी प्रहरी अपने बेटे के साथ नेहरू केंद्र पर पहुंचीं.. 

जवाहर लाल नेहरू युवा केंद्र के सचिव सुखवीर सिंह के कहने पर मीडियाकर्मियों ने उनसे बातचीत शुरू कर दी.. इस दौरान उन्होंने अपनी पूरी कहानी बयां कर दी..हंसी बताती हैं कि वह शारीरिक रूप से कमजोर हो गईं तो कहीं नौकरी करने के लायक नहीं रहीं.. इसलिए उन्होंने भिक्षावृत्ति का निर्णय लिया।

विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं
वर्ष 2000 में छात्रसंघ की उपाध्यक्ष बनी हंसी ने उत्तराखंड राज्य बनने के बाद हुए विधानसभा चुनाव में सोमेश्वर सीट से कांग्रेस के प्रदीप टम्टा और भाजपा के राजेश कुमार के खिलाफ ताल ठोकी थी..

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Naina Shrivastava

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