New Delhi: महाराष्ट्र के होम्योपैथिक डॉक्टर रामचंद्र दानेकर पिछले 60 सालों से रोजाना 10 किलोमीटर साइकिल चलाकर गरीबों का इलाज करने आसपास के गावों में जाते हैं. COVID-19 के दौर में भी उनका यह सिलसिला लगातार जारी है.

गावो के लोग बीमारी में डॉ दानेकर से ही संपर्क करते हैं. इनकी खास बात ये है कि डॉक्टर रामचंद्र दानेकर फीस नहीं लेते, बल्कि दवाएं भी मुफ्त में देते हैं. गांव वाले अपने तरफ से ही उन्हें कुछ पैसे दे देते हैं. उनकी उम्र 87 साल है. लेकिन अभी भी मरीजों के पास साइकिल से जाते हैं. 87 साल के दानेकर कहते हैं, इलाज से पैसा कमाना मेरा मकसद नहीं, मैं सिर्फ बीमारी गरीबों की सेवा करना चाहता हूं.

COVID-19 के दौर में कई लोगों के लिए मुश्किलें पैदा हुईं, गाँवों में स्वास्थ्य सुविधा बुरी तरह प्रभावित हुई, लेकिन इस संकट के दौरान भी वह अपने मरीजों का इलाज करने साइकिल से पहुंचते रहे. आजकल, युवा डॉक्टर केवल पैसे के बाद ही इलाज करते हैं, लेकिन मैं सिर्फ सेवा करना चाहता हूं.

उन्होंने कहा कि वे एक दिन में कई गांवों को कवर करते थे और एक दिन के लिए भी बाहर रहते थे, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण अब वह रात में अपने घर लौटते हैं.डॉ दानेकर ने कहा, “मैं तब तक लोगों की सेवा करता रहूंगा, जब तक मेरा शरीर जवाब नहीं दे देता.

एक ग्रामीण ने कहा, “वह हमारे लिए एक भगवान की तरह है…वह एकमात्र डॉक्टर है जो किसी भी समय किसी भी जगह हमारे पास पहुंचते हैं. कोरोना के दौर में जब सभी डॉ आने से मना करते थे, तब सिर्फ डॉ दानेकर हमारी एक कॉल में इलाज करने पहुंच जाते थे.

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Naina Shrivastava

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