New Delhi: शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा किसानों का प्र’दर्शन अचान’क हिं’सा का रूप ले लिया. पुलिस पर डं’डे बरसाए गए. हालात बेका’बू होने पर पुलिस को आं’सू गै’स के गोले तक छोड़ने पड़े. दिल्ली में हुई इस हिं’सा और लाल किले में झंडा फहराने की घटना की हर तरफ निं’दा हो रही है.

लाल किले की घटना पर कपिल मिश्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. कपिल मिश्रा का कहना है कि योगेंद्र यादव और राकेश टिकैत को तुरंत जे’ल में डाला जाना चाहिए…वहीं, कपिल मिश्रा ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल और राहुल गांधी से कहा कि उन्हें दिल्ली वालों से माफी मांगनी चाहिए. ये किसान नहीं खालिस्तानी और न’क्सली ह’मला हैं दिल्ली पर।’

इसके साथ ही कपिल मिश्रा ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘हमारा कोई अन्नदाता नहीं है.. हम पैसे दे कर अन्न ख़रीदते है, जो नहीं ख़रीदते हैं, उसे MSP पर ख़रीदने के लिए सरकार को टैक्स देते हैं.. हमारा अभिमान न धर्मनिरपेक्ष मुसलमान है, न धर्मपरायण हिन्दू है, न शौर्यवान सिख है। हमारा अभिमान भारत है जिसका कोई धर्म और व्यवसाय नहीं है..

बता दें कि इस हिंसा की सारी जिम्मेदारी स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने ली है. उन्होंने कहा कि- लाल किले की घटना से उनका सिर शर्म से झुक गया. वह इस घटना के लिए शर्मिंदा हैं. उन्होंने कहा, “विरोध का हिस्सा होने के नाते, जिस तरह से चीजें आगे बढ़ीं, मैं शर्मिंदा हूं और मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं…

किसानों की मांगों को उजागर करने के लिए ट्रैक्टर मार्च राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर अराजकता में भं’ग हो गया क्योंकि उ’ग्र प्रदर्शनकारियों की भीड़ बाधा’ओं के माध्यम से टूट गई.. लाल किले की प्राचीर से एक धार्मिक झंडा फहराया , भारत के तिरंगे के लिए एक विशेषाधिकार आरक्षित है.

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Naina Shrivastava

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