New Delhi: सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई ​कमेटी के सदस्य अनिल घनवट ने किसानों के हित में कहा कि- ये आंदोलन कहीं रूकना चाहिए और किसानों के हित में एक क़ानून बनना चाहिए.. क़ानूनों को रद्द करने की बजाए उनमें संशोधन होना चाहिए.. आंदोलनकारी किसान नेताओं को ​कमेटी के साथ कार्य करके अपनी बात रखनी चाहिए..

अनिल घनवट ने आगे कहा कि- पहले किसानों का कहना सुनना पड़ेगा, अगर उनकी कोई गलतफहमी है तो वो दूर करेंगे। किसानों को विश्वास दिलाना पड़ेगा कि ​MSP और APMC रहेगा। जो कुछ भी होगा वो पूरे देश के किसानों के हित में हो

बता दें कि SC ने आज किसानों से बातचीत के लिए 4 सदस्यों की कमेटी बनाई है.. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि- कमेटी में शामिल 4 लोगों ने सार्वजनिक तौर पर पहले से ही निर्णय कर रखा है कि ये काले क़ानून सही हैं और कह दिया है कि किसान भटके हुए हैं.. ऐसी कमेटी किसानों के साथ न्याय कैसे करेगी?

उन्होंने कहा कि- ये 3 काले क़ानून देश की खाद्य सुरक्षा पर हम’ला हैं, जिसके 3 स्तंभ हैं- सरकारी खरीद, MSP, राशन प्रणाली जिससे 86 करोड़ लोगों को 2 रुपए किलो अनाज मिलता है.. इसलिए कांग्रेस 3 कृषि क़ानूनों का विरोध तब तक करती रहेगी जब तक मोदी सरकार इन्हें खत्म नहीं कर देती.

हमारा 26 जनवरी का प्रोग्राम पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, जिस तरह से भ्रम फैलाया जा रहा है जैसे किसी दुश्मन देश पर हमला करना हो, ऐसी गैर ज़िम्मेदार बातें संयुक्त किसान मोर्चा की नहीं हैं.. 26 जनवरी के प्रोग्राम की रूपरेखा हम 15 जनवरी के बाद तय करेंगे.

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Naina Shrivastava

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