New Delhi: छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी Ajit Jogi अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी आत्मकथा में कई तरह के खुलासे हुए हैं. अपने बचपन से लेकर निध’न से पहले तक की घटनाओं का जिक्र किया है. उन्होंने जीवित रहते आत्मकथा पूर्ण कर डाली. अपनी आत्मकथा में उन्होंने ज्यादातर राजनीतिक सवालों के जवाब दिए हैं.

उन्होंने अपनी आत्मकथा में कहा कि- राजीव गांधी अगर हिम्मत दिखाते तो आज कांग्रेस कमजोर नहीं होती. उन्होंने राजीव गांधी के बारे में काफी जिक्र किया है. लेकिन एक जगह लिखा है कि राजीव जी अगर नेहरू जी की तरह हिम्मत दिखाते तो कभी इतनी कमजोर नहीं होती.

दरअसल, साल 1957 में चुनाओं में नेहरू बिलासपुर आए थे, तब वहां हिंदु महासभा के गो ह’त्या बंद करो के पोस्टर लगाए थे, नेहरू जी ने डां’टते हुए कहा था- जा’हिलों क्या लगा रखे हो. स्कूल, अस्पताल , सड़क मांगो…. उसी से विकास होगा. लेकिन जब मामला राम मंदिर का आया तो राजीव गांधी नेहरू की तरह हिम्मत नहीं दिखा पाए.

उन्होंने शाहबानो का भी जिक्र किया. लिखा- दूसरी घटना शाहबानो प्रकरण की है. शाहबानो केस में अदालत के फैसले के खिलाफ कानून बनाया जाना उनकी गलती थी. उनकी वजह से कांग्रेस की छवि एक मुस्लिम समर्थक पार्टी बन गई.

उन्होंने अपनी आत्मकथा में कई ऐसे खुलासे किए हैं, जो चौंकाने वाले हैं. इस आत्मकथा में उन्होंने अपने राजनीतिक सफर, प्रेम कहानी, ईसाई बनने के बारे में, जिंदगी में उतार चढ़ाव का पूरा वर्णन किया है. अजीत जोगी ने अपनी आत्मकथा में पीएम मोदी की भी तारीफ की है.

मोदी को बताया महान

अजीत जोगी ने कहा- साल 2014 में जब मोदी पीएम बने तो कांग्रेस की जवाबदेही के कारण मुझे दिल्ली में रहना पड़ा. मेरा हाल ऐसा नहीं था कि महंगे बंगले में रहूं. एक दिन पीएम मोदी संसद कैलरी में आते दिखे. मुझे देख रुके और परिवार का हाल पूछा. मैंने आवास की समस्या बताई. मुझे आश्चर्य हुआ कि उनके प्रमुख सचिव ने मुझे आवास आवंटन की सूचना दी. महान व्यक्ति गुणों से भी महान होते हैं. मोदी ऐसे ही हैं .. अजीत के मुताबिक, विपक्षी नेताओं की भी मदद करना ये सिर्फ महान नेता यानी नरेंद्र मोदी ही कर सकते हैं.

अजीत जोगी के बारे में

अजीत प्रमोद कुमार जोगी एक भारतीय राजनेता है.. अजीत जोगी ने बिलासपुर के पेंड्रा में जन्में अजीत जोगी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद पहले भारतीय पुलिस सेवा और फिर भारतीय प्रशासनिक की नौकरी किया.

स्कूल के दिनों में वह खाली पैर पढ़ने जाते थे. उनके पिता ने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था, इसलिए उन्हें मिशन की मदद मिली थी. अजीत जोगी जितने प्रतिभावान रहे हैं, उतने ही उनमें नेतृत्व के गुण भी रहे हैं, इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर मसूरी में प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान तक सब जगह वे अव्वल आने वालों में भी शामिल रहे और राजनीति करने वालों में भी..

वे मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के सुझाव पर राजनीति में आयेयय वे विधायक और सांसद भी रहे..बाद में 1 नवंबर 2000 को जब छत्तीसगढ़ बना तो राज्य का पहला मुख्यमंत्री अजीत जोगी को बनाया गयायय 29 मई 2020 को अजीत जोगी की दिल का दौरा पड़ने से एक नारायण अस्पताल में मृ’त्यु हो गई.

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Naina Shrivastava

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